Tuesday, September 18, 2012

इश्क  है  तुझसे  !!!!!!!!!!!


लफ्ज़ जो ना क़ह पाये अब तक , उसे तू सुन ज़रा.........

आँखों  से मेरी अब तो पढ़ ले , हाल -ए -दिल  ये मेरा ........

ना कर  पाऊँ बयाँ , कितना इश्क है तुझसे ........

शायद ख़ुदा से भी ज्यादा , मुझे इश्क है तुझसे .........

मुझे इश्क है तुझसे .........!!!!!!!!!!!!!!!!!


हर वक़्त गुज़रे मेरा , बस तेरी ही बातों में .....

हर पल डूबा रहूँ , बस तेरी ही यादों में .....

जाने क्यूँ बन गया है तू , मंज़र मेरी आँखों का...

हर लम्हा ज़िक्र करता रहूँ , तेरी ही मुलाकातों का ...

ना कर  पाऊँ बयाँ , कितना इश्क है तुझसे ........

अब तो कर ले तू यकीन , शायद ख़ुदा से भी ज्यादा ...... मुझे इश्क है तुझसे .......

मुझे इश्क है तुझसे .........!!!!!!!!!!!!!!!!!