Monday, March 25, 2013


इरादा है ...!!!


कभी एक नज़र , तुझे देखना ही काफ़ी था ....
अब तो तुझसे बस... 
रूबरू हो जाने का इरादा है ...!!!

कभी साँसे लेना भर ही , ज़िन्दगी जीना था ....
अब तो  हर पल तू  हो साथ... 
ऐसी ज़िन्दगी जीने का इरादा है ...!!!

कभी वक़्त को यूँ ही , गुज़रते देखता था ...
अब तो हर वक़्त बस... 
तुझे देखते हुए गुज़ारने का इरादा है ...!!!

कभी ख़ुदा के वजूद का होना , बस महसूस किया करता था ....
अब तो तुझे ही बस... 
ख़ुदा कह लेने का इरादा है ...!!!

कभी मंज़िल जाने बिना ही , राहों पर यूँ ही चल पड़ता था ....
अब तो जिसकी मंज़िल सिर्फ तुम हो... 
उन राहों पर चलने का इरादा है ...!!!

कभी जन्नत  के एहसास को , लफ़्ज़ों में ही पढ़ा करता था ....
अब तो तुझसे इश्क करने के एहसास को ही... 
जन्नत मान लेने का इरादा है ...!!!

कभी सितारों के टूटने पर , दुआवों का कबूल होना सुना करता था ....
अब तो फिर सारी कायनात से बस... 
तुझको माँग लेने का इरादा है ...!!!